उत्तराखंड में चीनी उत्पादों के इस्तेमाल पर लगी रोक

देहरादून | सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा है कि उत्तराखंड के सरकारी विभागों में चीन निर्मित उपकरणों और कल पुर्जों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
सीएम ने केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि इस अभियान से संकटकाल के बीच देश की नई पहचान बनी है। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कुछ राज्य सरकारों द्वारा चीनी बिजली मीटरों के रोक के बावत पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि इस विषय पर सरकार के स्तर पर मंथन हो चुका है, जिसमें निर्णय लिया जा चुका है कि हम चीनी निर्मित उपकरण और कल पुर्जों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सीएम ने कहा कि इसको लेकर कई तरह की आशंकाएं भी हैं। इसलिए सरकार के स्तर से यह फैसला हो चुका है। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के स्तर से चीनी एप्प पर रोक का दूरगामी असर होगा।
सीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत की मांग से अधिक का आर्थिक पैकेज घोषित किया है, इसमें किसान, मजदूर से लेकर एमएसएमई सेक्टर तक का पूरा ध्यान रखा गया है।
जरूरतमंद लोगों के लिए दो वक्त के भोजन का इंतजाम करते हुए मुफ्त अनाज वितरण कार्यक्रम को नवंबर तक बढ़ा दिया है। सीएम ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए तीन लाख करोड़ रूपए के कोलेटरल फ्री ऋण की व्यवस्था की गई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के मानकों में सुधार किया गया है। इससे इन उद्यमों को विस्तार का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए गरीबों, किसानों और मजदूरों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री ने 1.70 लाख करोड़ रूपए की घोषणा की। इसके तहत प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि की तीन माह की अग्रिम किस्तें किसानों के खातों में जमा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार ने 40 हजार करोड़ रूपए का अतिरिक्त आवंटन किया। उत्तराखण्ड में ही मनरेगा में 36 हजार नए लोगों केा काम उपलब्ध करवाया गया है।