क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार
विष से अमृत तक: जब लोभ, ईर्ष्या और क्रोध बन गए शक्ति
"मैंने अपना लोभ, ईर्ष्या एवं क्रोध खाया"—यह पंक्ति केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि आत्म-रूपांतरण का एक महाकाव्य है।…