किसानों और प्रवासी मजदूरों सहित कई वर्गों के लिए राहत उपायों की घोषणा की सरकार

देहरादून ।।दिल्ली ।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विशेष आर्थिक पैकेज से जुड़ा पूरा ब्योरा देश के सामने रख दिया है। सरकार ने कोविड-19 से मुकाबला, लॉकडाउन से प्रभावित लोगों और उद्योगों की सहायता और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस पैकेज का एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई, 2020 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया था। यह आर्थिक पैकेज देश की जीडीपी के लगभग 10 फीसद के बराबर है। वित्त मंत्री बुधवार से हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पैकेज से जुड़ा ब्योरा साझा कर रही थी। ऐसे में आप सभी लोगों के मन में यह बात होगी कि आखिर सरकार किन चीजों पर इतनी बड़ी राशि खर्च कर रही है।

ऐसे में हम इस विशेष आर्थिक सहायता पैकेज का पूरा ब्रेकअप आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैंः

हाल में घोषित पैकेज से पहले किए गए उपाय

1. 22 मार्च, 2020 से कर में दी गई छूट के कारण राजस्व में आई कमी – 7,800 करोड़ रुपये

2. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (PMGKP)- 1,70,000 करोड़ रुपये

3. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणाएं- 15,000 करोड़ रुपये

उल्लेखनीय है कि सरकार ने मार्च के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की थी। इसमें पीडीएस कार्ड होल्डर्स को निशुल्क अनाज और दाल देने की घोषणा की गई थी। साथ ही महिला जनधन खाताधारकों, गरीब बुजुर्गों एवं दिव्यांगों को सीधी मदद भेजने का एलान किया गया था।

हाल में घोषित आर्थिक पैकेज का पूरा ब्रेकअप इस प्रकार हैः

पहले दिन की घोषणाएं

1. MSMEs और बिजनेसेज के लिए इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल – 3,00,000 करोड़ रुपये

2.  दबाव का सामना कर रहीं MSMEs के लिए सब-ऑर्डिनेट डेब्ट- 20,000 करोड़ रुपये

3. MSME के लिए फंड ऑफ फंड्स – 50,000 करोड़ रुपये

4.  बिजनेस और कंर्मचारियों को EPF अंशदान के जरिए मदद – 2,800 करोड़ रुपये

5. EPF रेट में कमी – 6,750 करोड़ रुपये

6. NBFC/ HFC/ MFI के लिए विशेष लिक्विडिटी स्कीम  –  30,000 करोड़ रुपये

7. NBFCs/ MFIs की लायबलिटी के लिए पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम 2.0 – 45,000 करोड़ रुपये

8. विद्युत वितरण कंपनियों में पूंजी डालेगी सरकार – 90,000 करोड़ रुपये

9. TDS/TCS दर में कमी – 50,000 करोड़ रुपये