पत्रकारों के हित में राजस्थान सरकार ने लिये कई अहम फैसले

जयपुर — मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के पत्रकारों के लिये कई अहम फैसले लिये हैं। अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान संवाद की साधारण सभा और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्थान संवाद के उद्देश्यों में वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव करें, जिससे सरकार के जनकल्याणकारी निर्णयों और योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंँचायी जा सके। उन्होंने राजस्थान संवाद को एक ऐसे इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया कि प्रचार-प्रसार गाँव के अन्तिम छोर तक हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जयपुर के नायला में पत्रकारों को भूखण्ड आवंटित करने के लिये आवासीय योजना के न्यायिक विवाद के दृष्टिगत अन्य विकल्पों पर विचार करने और वर्ष 2002 में प्रारम्भ की गई नीति के तहत पत्रकारों के लिये नई आवासीय योजनाओं पर कार्य जारी रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जन सरोकारों से जुड़ा सेवा का एक सशक्त माध्यम है और इसमें काम करने वाले लोगों के कल्याण की योजनाएं राज्य सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिये। गहलोत ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष का गठन कर उनके लिये मेडिक्लेम बीमा, निशुल्क बस यात्रा, मेडीकल डायरी, पत्रकार सम्मान पेंशन योजना और आर्थिक सहायता जैसी योजनायें शुरू की हैं। उन्होंने पत्रकार कल्याण कोष के एफडीआर से प्राप्त ब्याज से संचालित मेडीकल डायरी योजना का लाभ संवैतनिक गैर-अधिस्वीकृत पत्रकारों को भी देने के लिये योजना बनाने के निर्देश दिये। पत्रकारों और उनके परिवारों के लिये गंभीर बीमारियों की स्थिति में देय एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता को बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का भी निर्णय लिया। बैठक में राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना की प्रतिमाह राशि पाँच हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी ने राजस्थान संवाद के उद्देश्यों और संस्था की ओर से करवाये जा रहे प्रचार – प्रसार के कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया और आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की गतिविधियों की जानकारी दी तथा भविष्य की योजनाओं की रूप-रेखा प्रस्तुत की बैठक में विभाग के भवन के नवीनीकरण के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, कम्प्यूटराइजेशन एंव आधुनिकीकरण का भी निर्णय लिया गया।