जनहित के मुद्दों को दरकिनार किया सरकार नेः कांग्रेस
देहरादून। प्रदेश की प्रमुख समस्याओंं के सम्बन्ध में सरकार द्वारा सदन में चर्चा न कराये जाने के विरोध में आज कांग्रेस विधानमंडल के सदस्यों द्वारा राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस विधानमंडल के सदस्यों ने कहा है कि सरकार द्वारा विधानसभा सत्र जो कि पहले तीन दिवसीय निर्धारित था को सूक्ष्म कर एक दिन का कर दिया गया। जिसके उपरान्त विपक्ष द्वारा जनहित के मुद्दों को दरकिनार करते हुए अन्य ही मुद्दों पर चर्चा किये जाने हेतू कार्यसूची में प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये व जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने से बचा गया। उन्होने कहा कि आज प्रदेश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है, लोग दहशत में है व प्रदेश में अस्थिरता का माहौल है। ऐसे में पर्यटन व्यवसाय भी शून्य है। उन्होने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है लोगों के रोजगार छिन गये है। लेकिन सरकार द्वारा बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा है कि प्रदेश में जून जुलाई में आयी आपदा के कारण पर्वतीय जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए है लेकिन सरकार द्वारा इस आपदा के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। मंहगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। प्रदेश में किसानों का करोड़ों रूपया सरकार के पास बकाया है। जिसके चलते किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है लेकिन सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहद खराब हो गयी है। बाहरी प्रदेश के बदमाशों के लिए उत्तराखण्ड आरामगाह बन चुका है। कहा कि सत्तारूढ़ विधायक पर एक महिला द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया गया है लेकिन विधायक पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की है। राज्य में तीर्थ पुरोहितों के हक हकूकों पर डाका डाला जा रहा है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। उन्होने कहा कि जब हमने उक्त समस्याओं पर नियम 310 एंव 58 में चर्चा कराने की मांग रखी तो सरकार द्वारा हमें चर्चा का समय ही नहीं दिया गया है। उन्होने राज्यपाल से आग्रह करते हुए कहा कि जनहित के उक्त मुद्दों पर सरकार को तत्काल निर्देशित करने की कृपा करें। विधानमंडल दल के सदस्यों में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधायक काजी निजामुद्दीन, विधायक ममता राकेश, विधायक मनोज रावत व विधायक आदेश सिंह चौहान शामिल रहे।