रोडवेज बी डिपो का ग्रामीण डिपो में हुआ विलय प्रशासनिक खर्चों को कम करने के उद्देश्य से किया गया है विलय

देहरादून। रोडवेज परिषद की मांग पर रोडवेज बी डिपो का ग्रामीण डिपो में विलय किया गया है। उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रशासनिक खर्चों को कम करने के उद्देश्य से रोडवेज के बी डिपो का ग्रामीण डिपो में विलय हुआ है। परिवहन निगम की ओर से आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि वर्तमान संचालन व्यवस्था को सुगम और सुदृढ़ बनाने के साथ ही प्रशासनिक खर्चों को कम करने के उद्देश्य से बी डिपो और ग्रामीण डिपो का विलय किया गया है। बता दें रोडवेज परिषद लंबे समय से विलय की मांग कर रहा था। विलय होने से डिपो में कर्मचारियों की कमी खत्म होगी। इसके साथ ही अलग-अलग स्टोरकीपर और बेमियादी लाभकारी पद खत्म होने से रोडवेज के खर्चों में काफी कमी आएगी। वहीं निगम में कर्मचारियों के रिक्त पदों की भी पूर्ति होगी। विलय के बाद निगम की ओर से नए बसों की सूची जारी की गई है। जिसमें देहरादून ग्रामीण डिपो में कुल 160 बसें शामिल की गई हैं। वहीं देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश और पौंटा को चलने वाली कुल 8 बसों को जे एन यू आर एम डिपो में स्थानांतरित किया गया है। वहीं कर्मचारियों और बस स्टेशनों को लेकर भी सूचना जारी की गई है। इस बीच रोडवेज परिषद के महामंत्री दिनेश पंत ने बताया कि उनकी ओर से आईएसबीटी देहरादून स्थित विंग को समाप्त किए जाने की मांग की गई है।