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देहरादून। उत्तराखंड में हो रही झमाझम बारिश ने पहाड़ वासियों का जीना दूभर कर दिया है। पहाड़ों से आने वाला पानी और मलवा उनके लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है कहीं सड़के बंद है और सैकड़ों यात्री वाहन फंसे हुए हैं तो कहीं गांव पर भूस्खलन के खतरे के कारण गांव वासी गुफाओं में शरण लेने पर मजबूर हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दो—तीन दिनों से पहाड़ पर कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश का क्रम जारी है। रुद्रप्रयाग से प्राप्त समाचार के अनुसार गंगोत्री हाईवे पर बंदर घाटी के पास भारी भूस्खलन से मार्ग बंद हो गया है तथा लगातार पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण उसे खोलने का काम भी नहीं हो पा रहा है जिससे मार्ग पर बड़ी संख्या में यात्री और वाहन फंसे हुए हैं। जिला प्रशासन ने यात्रियों से डेंजर जोन से यात्रा न करने की अपील की है।
उधर चमोली से मिल रही खबरों के अनुसार यहां भी भारी बारिश होने की खबर है। चमोली जिले में भारी बारिश के कारण जुगजू गांव खतरे की जद में आ गया है। पहाड़ से पत्थर आने के कारण गांव पर खतरा मंडरा रहा है दहशदजता गांव के लोगों ने गुफाओं में शरण ले रखी है। उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने इस गांव के लोगों की परेशानी के बारे में बताते हुए कहा कि यहां भूस्खलन सक्रिय होने से खतरा बना हुआ है तथा गांवों को विस्थापित करने की जरूरत है लेकिन साथ ही वह कहती हैं कि विस्थापन की प्रक्रिया और काम आसान नहीं है। उधर चमोली के हाथीपांव के पास 10 मीटर सड़क के बह जाने से मार्ग बंद होने की खबर है। तथा पागल नाला और गोचर में भारी भूस्खलन के कारण बदरीनाथ हाईवे कई स्थानों पर बंद हो गया है। उत्तरकाशी के देवी धाम मंदिर पर भी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। उधर मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में राज्य के 3 जनपदों नैनीताल, बागेश्वर तथा चंपावत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है तथा पूरे राज्य में बारिश होने की संभावना जताई है।