माँ डाटवाली सिद्ध पीठ का 222वां वार्षिकोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ प्रारंभ

देहरादून,
प्रसिद्ध शक्ति पीठ माँ डाटवाली मनोकामना सिद्ध पीठ का 222वाँ वार्षिकोत्सव बड़े ही श्रद्धा व भक्ति भाव से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा स्थानीय सिद्धार्थ रेजीडेंसी, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यह वार्ता महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के सुपुत्र शुभम गोस्वामी एवं संयम गोस्वामी के सानिध्य में सम्पन्न हुई। प्रेस को संबोधित करते हुए दिनेश अग्रवाल (टीटू भाई) एवं गौरव कुमार ने वार्षिकोत्सव की विस्तृत जानकारी साझा की।

🌸 धार्मिक आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा इस प्रकार है:🔸 29 जून – माँ डाटवाली सिद्ध पीठ के 222वें वार्षिकोत्सव की विधिवत शुरुआत भैरव पूजा के साथ हुई।
🔸 30 जून – प्रातः 6 बजे से आचार्यगणों द्वारा विशेष शिव पूजा सम्पन्न कराई गई।
🔸 1 जुलाई – सायंकाल मंदिर प्रांगण में प्रसिद्ध गायक हरिपाल आहूजा द्वारा भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा।
🔸 2 जुलाई – पारंपरिक झंडे परिक्रमा का आयोजन सुभाष नगर से मंदिर परिसर तक किया जाएगा।
🔸 3 जुलाई – रात्रि 9 बजे से माँ डाटवाली के भव्य जागरण का आयोजन होगा जिसमें देशभर से प्रसिद्ध भजन गायक भाग लेंगे: हेमंत बृजवासी (मथुरा),पप्पू अरोड़ा (दिल्ली),मन्नू सिकंदर (यमुनानगर),लैविश लव (पंजाब),कृष्णा एंड पार्टी (देहरादून),मनोज सरगम एंड पार्टी (देहरादून)
🔸 4 जुलाई – प्रातः 11 बजे से मंदिर प्रांगण में विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की संभावना है।

विशेष व्यवस्थाएँ और आकर्षण:👉 मंदिर परिसर एवं शोभायात्रा मार्ग को फूलों व रंग-बिरंगी विद्युत सजावट से सजाया जा रहा है, जो इस बार का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
👉 श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मंदिर समिति द्वारा निशुल्क बस सेवा की भी व्यवस्था की गई है, जो विशेष रूप से जागरण व भंडारे के अवसर पर चलेगी।
👉 भीड़ प्रबंधन एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से इस वर्ष शोभायात्रा को सुभाष नगर से मंदिर तक सीमित रखा गया है ताकि स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर शिवम गोयल, विक्की खत्री, वासु परविंदा सहित कई श्रद्धालु व समिति सदस्य उपस्थित रहे।
मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और माँ डाटवाली के आशीर्वाद से कृतार्थ हों।