बच्चों को प्रेरित करें पर्यावरण के प्रति लगाएं पौधे जिनमें बसी हैं हमारी सांसे।
देहरादून
संजय राठौर
बच्चों को प्रेरित करें पर्यावरण के प्रति लगाएं पौधे जिनमें बसी हैं हमारी सांसे।
– जलागम विभाग में हरेला पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में
– विधायक सविता कपूर ने किया प्रतिभाग
देहरादून। जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने बच्चों में भी पौधे लगाने के संस्कार पर जोर दिया है। हरेला पर्व पर जलागम प्रबंध निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक वैश्विक विषय है और इसके प्रति सभी की जिम्मेदारियां हैं। निदेशालय परिसर में सतपाल महाराज ने रुद्राक्ष व अन्य अतिथियों, अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा औषधि और फलदार जैसे की आंवला, चंपा, चीकू, हरड़, गुलमोहर, आम, अंजीर, बेल आदि पौधे लगाए । इस दौरान जलागम विभाग की त्रैमासिक पत्रिका जलागम दर्पण का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सतपाल महाराज ने कहा जलागम एक विभाग ही नहीं बल्कि भविष्य है। उन्होंने नौले, धारे आदि जलस्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हर्बल पौधे लगाए जाएं तथा कार्बन क्रेडिट के माध्यम से ग्राम पंचायत की आय को बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। ऐसे पौधे लगाए जाएं, जिन्हें जानवर नुकसान न पहुंचा सकें। राज्य गठन की परिकल्पना को साकार करते हुए उत्तराखंड के उत्पादों को बढ़ावा दिया जाना है। जलागम मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वृक्षों के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक पेड़ मां के नाम मुहिम चलाई है, इसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।
स्थानीय विधायक सविता कपूर ने बताया कि प्रकृति का संरक्षण किया जाना सभी के लिए आवश्यक ही नहीं हमारी सब की जिम्मेदारी है जैसे कि हम अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाते हैं ऐसे ही पर्यावरण की जिम्मेदारी भी लें पर्यावरण का संरक्षण ही हमारी सांसों की डोर है। इसके विषय में सभी को गंभीरता से सोचना होगा और अपना योगदान देना होगा। मुख्य परियोजना निदेशक दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विभाग की तरफ से अगले साल से हरेला पर्व और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस संबंध में आयोजन किए जाएंगे। परियोजना निदेशक हिमांशु खुराना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों को लेकर अन्य विभागों से भी समन्वय किया जा रहा है। सामूहिक योगदान से बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डा. ए.के. डिमरी, डा. एस.के. सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी दीपक भट्ट, उप परियोजना निदेशक एन.एस. बरफाल, डा. मीनाक्षी जोशी तथा विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डा. जेसी पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर आईडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।