गुस्साये बेरोजगार छात्र विरोध जताने टंकी पर चढ़े सरकार से मांगा लिखित आश्वासन

 

सरक
डीआई को पहुंचना पड़ा मौके पर
फिर से आमरण अनशन पर बैठ छात्र
कुंवर पहुचें अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल
देहरादून। वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चले आ रहा धरना प्रदर्शन जारी है। गुस्साये बेरोजगार छात्र अपना विरोध जताने के लिए टंकी पर जा चढ़े। सोमवार को धरना स्थल परेड ग्राउंड में अभ्यर्थियों को अपना समर्थन देने संवैधानिक अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर पहुंचे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। और परीक्षा में हुई गडबडी को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। वहीं गुस्साए छात्र अपना विरोध जताने परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़े। अभ्यर्थियों का नाम बॉबी पंवार और पीसी पंत है। खबर मिलते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और आनन-फानन में वह घटनास्थल पर जा पहुंचे। छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि वन आरक्षी भर्ती को दुबारा आयोजित कराया जाए। साथ ही भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। टंकी पर चढ़े छात्र बार-बार नीचे कूद जाने की धमकी देते रहे। जिन्हें प्रशासन की ओर से काफी देर तक मनाए जाने का क्रम चलता रहा। इस बीच मौके पर अन्य अभ्यर्थी ने खूब हंगामा काटा। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को कई बार जगह खाली किए जाने की चेतावनी दी गयी। लेकिन छात्रों के हंगामे के बीच कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं दिखा।
उन्होंने कहा कि जबतक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटेंगे। अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी नित नए तरीके से विरोध जता रहे हैं। इससे पहले भी छात्र आमरण अनशन पर बैठे थे। जिन्हें प्रशासन ने जबरदस्ती उठा लिया था। वहीं गुस्साए छात्रों ने फिर से आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन स्थल पर प्रदीप राणा और सौरभ रावत आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस बीच छात्रों ने सरकार और वन मंत्री के खिलाफ खूब नारेबाजी की साथ ही टंकी पर चढ़े युवकों के समर्थन में तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं जैसे नारे लगाये। खबर लिखे जाने तक छात्र टंकी पर ही चढे रहे।
(बॉक्स)
इस बीच हंगामा और मनाने का दौर देर शाम तक चलता रहा। टंकी पर चढ़े प्रदर्शनकारियों को मनाने खुद डीआईजी अरुण मोहन जोशी को कमान संभालनी पड़ी। उन्होंने छात्रों को फोन पर काफी देर समझाया और आश्वासन दिया लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस बीच तमाम छात्र लिखित रूप में आश्वासन देने की मांग करने लगे। वहीं टंकी पर चढ़े युवक बार-बार जांच की मांग करते दिखे। छात्रों को न मानते देख डीआईजी जोशी छात्रों पर नजर रखने को कहते हुए चलते बने।