ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी के कड़े निर्देश

*हरिद्वार
         मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने को लेकर सक्रियता से काम करने को कहा गया है। सोमवार को हुई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खंड विकास अधिकारियों की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन हर हाल करना होगा।
निर्देशों में विशेष रूप से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को अपने-अपने विकास खंडों में ऐसे सभी स्थानों की पहचान करनी होगी जहां सुरक्षित तरीके से कूड़ा जमा किया जा सके। इसके साथ ही, सभी ग्राम पंचायतों को यह निर्देश दिया गया है कि वे प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट की पहचान करें और उन्हें भी प्रबंधन के दायरे में लाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन न केवल सामान्य कूड़े के निस्तारण को लेकर गंभीर है, बल्कि विशेष प्रकार के अपशिष्टों, जैसे कि प्लास्टिक कचरे, के प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। इन अपशिष्ट के सुरक्षित संग्रह और निस्तारण के लिए जल्द ही ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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एक्शन प्लान और स्वच्छता कंट्रोल रूम को दायित्व
सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि वे एक विस्तृत एक्शन प्लान (कार्य योजना) तैयार करें। इस एक्शन प्लान को मुख्यालय पर स्थित स्वच्छता कंट्रोल रूम को प्रस्तुत करना होगा। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया व्यवस्थित और निगरानी योग्य हो। स्वच्छता कंट्रोल रूम इन योजनाओं की समीक्षा करेगा और उनके कार्यान्वयन की प्रगति पर नजर रखेगा। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि निर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन कई चुनौतियों से भरा हो सकता है, जिसमें जन जागरूकता की कमी, संसाधनों का अपर्याप्त आवंटन और ग्राम स्तर पर कार्यान्वयन की क्षमताएं शामिल हैं। इनके संबंध में भी रिपोर्ट मांगी गई है।