पूर्व सैनिकों की एकजुटता से ही मजबूत होगी आवाज: कैप्टन भगत सिंह राणा

 

देहरादून, । उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के 33वें स्थापना दिवस समारोह में पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कार्मिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए संगठन को प्रदेशभर में मजबूत करने का संकल्प लिया गया। भानियावाला स्थित लक्ष्मी रेस्टोरेंट में आयोजित समारोह में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष कैप्टन भगत सिंह राणा ने उपस्थित सभी अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों की एकजुटता से ही उनकी आवाज मजबूत होगी और उन्हें राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर प्रभाव प्राप्त होगा। इससे सरकार तथा शासन-प्रशासन के समक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से हुआ। इसके बाद देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह में संगठन की स्थापना से अब तक की उपलब्धियों, पूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बलों के हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

समारोह में टिहरी के पूर्व जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पंगती मुख्य अतिथि रहे। डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, राज्य मंत्री कर्नल अजय कोठियाल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, मिलिट्री इक्विपमेंट के संस्थापक विनोद कुमार, डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह तथा संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पी.सी. थपलियाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेश जोशी ने किया।

कार्यक्रम में कोटद्वार से महेंद्र सिंह रावत एवं उनकी टीम, रुड़की से विजय पंवार एवं उनकी टीम, हरिद्वार से दिनेश सकलानी एवं उनकी टीम, ऋषिकेश से बलवंत सिंह रंगड़ एवं उनकी टीम, क्लेमेंटाउन से कैप्टन आलम सिंह भंडारी एवं उनकी टीम, कंडली से अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत एवं चंदन सिंह बिष्ट की टीम, ऋषिकेश गुमानीवाला से राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता बृजेंद्र रमौला, भानियावाला से क्षेत्रीय अध्यक्ष सुनील शर्मा, योगगुरु शिवराज सिंह ठाकुर, यजन पंवार, रानीपोखरी से सतपाल खत्री की टीम, सीपीओ मुकेश्वर चौहान, ‘सैनिक दर्पण’ के उपसंपादक एवं उनकी टीम, रायवाला से अध्यक्ष एवं उनकी टीम, पूर्व प्रधान दिनेश धाने, छिद्दरवाला से अध्यक्ष विक्रम थापा एवं उनकी टीम तथा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से संगठन के पदाधिकारी, पूर्व सैनिक और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कार्मिक शामिल हुए। विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने संगठन की गतिविधियों तथा स्थानीय स्तर पर पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी।

इस दौरान वीरता पदक विजेता सेना मेडल प्राप्तकर्ता दिगंबर सिंह एवं सेना पदक विजेता बच्चा सिंह को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संगठन की वार्षिक पत्रिका ‘सैनिक दर्पण’ का विमोचन भी किया गया। पत्रिका के संपादक सैन सिंह पंवार ने बताया कि इसमें पूर्व सैनिकों के जीवन, सेवानिवृत्ति के बाद उनके रोजगारपरक एवं समाजोपयोगी कार्यों तथा प्रेरणादायक अनुभवों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि पत्रिका का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की उपलब्धियों, संघर्षों और सामाजिक योगदान को व्यापक स्तर पर सामने लाना है।

वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिक और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कार्मिक देश की सुरक्षा में योगदान देने के बाद भी समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संगठन पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाने तथा उनके अधिकारों और सम्मान के लिए निरंतर कार्य करेगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में संगठन का विस्तार प्रदेश के प्रत्येक जिले, विकासखंड और क्षेत्र तक किया जाएगा। इसके लिए शासन एवं प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे। उपस्थित सदस्यों ने संगठन की एकता, मजबूती और विस्तार के लिए सहयोग देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डॉ. संजीत कैंतुरा को रोपड़ विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय महासचिव लक्ष्मण सिंह कठैत ने सभी पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के कार्मिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह को सफल बनाने के लिए अतिथियों, पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

इसके बाद उपस्थित सभी आगंतुकों ने सामूहिक भोज (बड़ा खाना) में सहभागिता की और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।