अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

देहरादून।

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल जी के निर्देशों के अनुपालन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा आज दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 को स्वाभिमान केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, भरण-पोषण, संपत्ति की सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जागरूक करना तथा उन्हें उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में प्राविधिक कार्यकर्ता श्री उमेश्वर सिंह रावत व 55 वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के विधिक अधिकारों एवं उनके संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी सरल एवं सहज भाषा में प्रदान की गई। उन्होंने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण के अधिकार, संपत्ति की सुरक्षा तथा अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध विधिक उपायों के संबंध में विस्तार से बताया।

सचिव महोदया द्वारा उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा उन्हें बताया गया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवश्यकतानुसार निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस अवसर पर उन्होंने अवगत कराया कि नालसा (वरिष्ठ नागरिकों हेतु विधिक सेवा) योजना, 2016 को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जाने के उद्देश्य से वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है। इसके अंतर्गत जनपद में संचालित वृद्धाश्रमों का विवरण, विधिक सेवा संस्थानों में प्राप्त वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित प्रकरण, गठित अधिकरणों की स्थिति तथा वरिष्ठ नागरिकों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) से संबंधित विवरण शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ नागरिकों तक विधिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए DLSA/TLSC द्वारा निरंतर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही सरल एवं सुगम भाषा में विधिक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु पम्पलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री का वितरण, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, वृद्धाश्रमों एवं RWA से समन्वय स्थापित करना तथा निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान श्री अजय कुमार बड़ौनी द्वारा माता पिता वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम 2007 व उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाई गई नियमवाली 2011 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि कानून द्वारा प्रदत्त उनके अधिकारों की रक्षा एवं न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है। इस अवसर पर प्राविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत द्वारा एक वरिष्ठ नागरिक श्रीमती कमल अरोड़ा निवासी राजेंद्र नगर देहरादून की पुलिस से संबंधित से समस्या का समाधान थाना अध्यक्ष कोतवाली कैंट से वार्ता कर किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव महोदया श्रीमती सीमा डुंगराकोटी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून द्वारा उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यकतानुसार वॉकर, स्टिक, कमर की बैल्ट तथा फर्स्ट एड किट आदि सामग्री वितरित की गई जिसके लिए उपस्थित लोगों द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया गया ।